सोमवार, 14 जून 2010

इंडीब्लॉगर पर प्रतियोगिता में भाग लें और मुझे वोट दें

इंडी ब्लॉगर http://www.indiblogger.in/ पर आज कल

Jiyo Life Moments Blogger Contest

चल रहा है। सभी भाषाओं के लिए खुला है। आप अपने ब्लॉग की पोस्टों को वहाँ प्रतियोगिता के लिए रजिस्टर कर सकते हैं। लेख/कविता विषय से जुड़ा होना चाहिए। 
अबकी यह प्रतियोगिता किसी हिन्दी ब्लॉग को ही जीतनी चाहिए आखिर शीर्षक में पहला शब्द ही हिन्दी से है : 'जियो'-  भले रोमन में लिखा है।
 हिन्दी के बिना अब लोगों का काम नहीं चलने वाला ! 
माबदौलत ने 4 लेख/कविताएँ रजिस्टर की हैं। लेकिन राग यमन को सुनते हुए   अब तक हिन्दी ब्लॉगों में टॉप पर है। सो इसे ही वोट देकर आगे बढ़ाइए या अपनी ब्लॉग पोस्टों को रजिस्टर कर स्वयम् प्रतियोगिता में कूद जाइए लेकिन मुझे वोट देना न भूलिएगा। एक बात और आप अपनी पोस्ट को वोट नहीं दे सकते :) 
बाकी तीन लेख/कविताएँ हैं:
रात साढ़े तीन बजे
शुभा मुद्गल और आबिदा परवीन को सुनते हुए
और मेरी व्यक्तिगत पसन्द 
टुकड़ा टुकड़ा दुपहर  
[ पोस्ट  शीर्षक पर क्लिक करने से आप इंडीब्लॉगर के सम्बन्धित पृष्ठ पर पहुँच जाएँगे, जहाँ रजिस्टर करने के बाद आप अपना मत दे सकते हैं। मेरा निवेदन है कि चारो पर अपना मत दें।]
तो मैदान में आइए और हिन्दी की शक्ति दिखाइए। 
ब्लॉगवाणी के पसन्दी नापसन्दी वीरों! औकात दिखाने का समय आ गया है। मत चूको चौहान ! 
प्रविष्टि की अंतिम तिथि है 8 जुलाई और प्रतियोगिता 10 जुलाई तक चलेगी।  

21 टिप्‍पणियां:

  1. हम तो ई काम में एतना फ़ुर्ती दिखाए कि पहले ही भोटिया आए हैं ...अभी भी नाखून पर मार्कर लगा हुआ है ..कौनो आपकी तरह आलसी हैं का ??

    उत्तर देंहटाएं
  2. नमस्ते,

    आपका बलोग पढकर अच्चा लगा । आपके चिट्ठों को इंडलि में शामिल करने से अन्य कयी चिट्ठाकारों के सम्पर्क में आने की सम्भावना ज़्यादा हैं । एक बार इंडलि देखने से आपको भी यकीन हो जायेगा ।

    उत्तर देंहटाएं
  3. अब प्रतियोगिता के बारे में पता चल गया है तो भोट भी दे देंगे.

    उत्तर देंहटाएं
  4. आपकी ये पोस्ट तो मेरी पसंदीदा पोस्ट है, लेकिन वोट कैसे करें?
    वहां एकाऊंट होना जरूरी है क्या?

    उत्तर देंहटाएं
  5. धन्यवाद,
    अजय जी, अनुराग भैया, अली जी

    @ गिरीश जी और मो सम कौन
    पहले आप को रजिस्टर होना पड़ेगा। अपने ब्लॉग के साथ होइए। प्रक्रिया बहुत सरल है। मैंने लिंक दिए तो हैं।

    अरे! आप लोग और बाकी सभी ब्लॉगर जन !अपने लेख भी जोड़िए वहाँ। लोगों को पता तो चले कि हिन्दी कितनी समृद्ध है! जीत हार तो अलग बात है।

    उत्तर देंहटाएं
  6. @ समीर जी,
    धन्यवाद।
    आप अपनी कोई पोस्ट भी रजिस्टर कीजिए। इण्डीब्लॉगर वालों को भी समझ में आएगा - हिन्दी ब्लॉगरी क्या चीज है! सन्न से कुछ मिनटों में ही सबसे उपर।
    कीजिए न !

    बोतल ?
    कौन सी ब्राण्ड पसन्द है आप को ?
    हल्दीराम, रुचि, किसान ??
    मुझे नहीं पता था कि आप सॉस के इतने शौकीन हैं ;)

    उत्तर देंहटाएं
  7. इंडीब्लॉग तक पहुँचाने के लिए आभार ...
    वोटिया दिए हैं ..!!

    उत्तर देंहटाएं
  8. इस प्रतियोगता का पता इस पोस्ट से ही चला है.

    आप नहीं कहते तो भी आपको ही वोट देता. इस प्रतियोगितावालों को एक व्यक्ति से कम से कम तीन वोट तो मांगने चाहिए.

    उत्तर देंहटाएं
  9. कर दिए हैं भैया ..देख रहे हैं आलसी का लबादा/चोला उतार फेके हैं ...और हम अब अल्सिया गए हैं -यमन वली पोस्ट को ४१ पर पहुंचाय दिए हैं .....अब हम नहीं जायेगें -आपको जितवायेगें -और जब हम आ गए तो म्हारो ये तमन्ना नाही पूरे होवे से ...!

    उत्तर देंहटाएं
  10. कर तो आये हैं जी, जैसा हमसे हुआ है। अब ये पता नहीं कि हमारा वोट वैध्य मानते हैं कि नहीं?

    नाम तो दिखा नहीं अभी।

    फ़िर ट्राई करेंगे, करके ही रहेंगे जी, आपने ललकार दिया है।

    उत्तर देंहटाएं
  11. कोशिश तो कर रहे हैं पर टेक-साधना सध नहीं पा रही !

    उत्तर देंहटाएं
  12. पाबला जी, अजय झा जी, वाणी जी, निशांत जी, अरविन्द जी आप सबको धन्यवाद ।

    मो सम कौन और अमरेंद्र जी आप लोगों को भी धन्यवाद - प्रयास तो किए ! मत देने के लिए आप को स्वयं को पहले रजिस्टर करना पड़ेगा।

    निशांत जी, किसी पोस्ट को एक व्यक्ति एक मत ही दे सकता है लेकिन वह असीमित पोस्टों पर मत दे सकता है।

    उत्तर देंहटाएं
  13. आते है फुरसत से एक बार और याद दिलाइयेगा प्लीज़ ....

    उत्तर देंहटाएं
  14. पहले से खाता है मेरा ! वोट देना है बस !
    जाता हूँ ।

    उत्तर देंहटाएं
  15. इसका पता नहीं चला.. उम्मीद करता हूँ कि ’टुकडा टुकडा दोपहर’ जीती हो..

    उत्तर देंहटाएं

कृपया विषय से सम्बन्धित टिप्पणी करें और सभ्याचरण बनाये रखें।
साइट प्रचार के उद्देश्य से की गयी या व्यापार सम्बन्धित सामग्री वाली टिप्पणियाँ स्वत: स्पैम में चली जाती हैं, जिनका उद्धार सम्भव नहीं क्यों कि उनसे दूसरी समस्यायें भी जन्म लेती हैं। अग्रिम धन्यवाद।