गुरुवार, 17 मार्च 2011

आचारज जी - दुबारा :)

पूर्वी उत्तरप्रदेश में गाई जाने वाली फाग धुन पर आधारित यह भोजपुरी रचना एक पुनर्प्रस्तुति है। पछाहीं खड़ी बोली का प्रभाव भी है। यह रचना किसी दूजे के ऊपर तंज न होकर, स्वयं पर है। ब्लॉग जगत के कुछ लंठ मुझे 'आचार्य' कहने लगे हैं। 'आचार्य' ही लोक में 'आचारज' या 'अचारज' हो जाता है। 
... हाँ, पिछली बार जिन 'आचार्यों' को लक्ष्य कर यह रचना लिखी गई थी, वे स्वयं 'सारे सरदार मर गये क्या जो दूसरों पर चुटकुले सुना रहे हो' की तर्ज पर आपत्ति जतायें तो और बात है   
... टिप्पणी विकल्प खोल रहा हूँ। होली है sssss 
      



फागुन आइल आचारज जी
लागे पहेली सोझ बतियाँ आचारज जी
अरे, आचारज जी।

नेहिया ले फन्दा मदन बौराया
मदन बौराया मदन बौराया
तेल पोतलें देहियाँ आचारज जी
न खाएँ गुलगुल्ला आचारज जी
आइल फागुन लखेरा आचारज जी।

बिछली दुअरवा लगन लग घूमे
लगन लग घूमे लगन लग घूमे
ताकें हमरी रसोइया आचारज जी
न खाएँ गुलगुल्ला आचारज जी।

मकुनी औ मेवा रोटी पकवलीं
चटनी पोत बिजना परोसलीं
बरजोरी से आए आचारज जी
अरे, आचारज जी।
चटकारा ले खाएँ आचारज जी
जो देखे कोई थूकें आचारज जी।


लागल करेजा फागुन के बतियाँ
अरे भइलें अकारन चारज
हमरे अचारज जी ।
नजर बौराया नजर बौराया
अरे कहें अखियाँ अकारज
चारज भइलें अचारज जी।

 
न खाएँ गुलगुल्ला आचारज जी।

अरे आचारज जी। 


19 टिप्‍पणियां:

  1. अमां यार....ऐसी तस्वीरें मत टांगा करो.....कल को उर्मि ने कहीं आपका ब्लॉग देख लिया तो आफत हो जाएगी....फिर टापते रह जइयो :)

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  2. आचारज जी हो आचारज जी,
    फगुआ तुम्हे मुबारक हो आचारज जी,
    खा कर भंग करे मस्ती हो आचारज जी,
    भंग की तरंग में दी टीप की छूट हो आचारज जीa

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  3. जियौ भयवा , होली मा कुछ तौ फरक परा :)
    आधुनिकता मा जोबन कई आदिवासी उफान देखै लायक बा हो :) , बड़े खुराफाती हौ आचारज !!

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  4. नजर बौराया नजर बौराया
    अरे कहें अखियाँ अकारज
    चारज भइलें अचारज जी।
    ....जय हो आ(चारज) जी
    होलिया के बधाई हो आचारज जी :)

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  5. होली की ख़ुशी के साथ ही - आपकी नयी पोस्ट की ख़ुशी भी है - कई दिनों से आपके ब्लॉग अपर कुछ नया आने का
    इंतेज़ार था ...

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  6. तो आचारज जी की खिड़की खुल ही गई. बढ़िया है...!

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  7. ओह चलिए आपने टिप्पणी ऑप्शन खोला तो...kripaya होली की भेट समझ इसे जारी रखियेगा...वापस ले मत लीजियेगा ,मतलब की बंद मत कर दीजियेगा...

    सपरिवार रंगोत्सव की बहुत बहुत शुभकामना आपको....

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  8. ई पोस्ट पढ़े कि नहीं ????

    http://devendra-bechainaatma.blogspot.com/2011/03/blog-post_17.html

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  9. HUM APKE MATMUIN/MURID HUE......

    'LENTHERA THE CRAPY CAB' KO IS POST SE DOOR RAKHEN
    .........SUNAMI ANE KA KHATRA HAI..........

    'ACHARYA GIRIJESHJI' SE TIPPANI VIKALP KHULI RAKHNE KA 'VARDAN' YE BALAK CHAHTA HAI...........
    UMMEED HAI......UMMEED POORI HOGI.........

    HOLIYASTE.

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  10. चलिए होली में खोले तो... वरना लोग समझते कि...
    अब ई अचारज जी पर निर्भर करता है कि कमेंट न करने का व्रत भी भंग कर दें। वैसे भी होली में अच्छे अच्छों के व्रत टूट जाते हैं । नहीं कर पाये तो का चारज नहीं हुये अचारज जी!

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  11. main to roj ye dekhne aap ki site par aata hoon ki bau katha kahan pahunchi.fir bhi bau ke bahane achhi achhi chizen mil jaati hain .lekin bau to bau hai ...aap ki best rachna

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  12. होली है भई होली है. होली की मुबारकबाद अभी से स्वीकार करें और एक बात बताएं की की कन्या के चहरे पर गुलाल क्यों मल दिया. क्या आपको कोई शक था की ध्यान जहाँ केन्द्रित होना चाहिए वहां नहीं टिका रहेगा.

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  13. चलिए अब gulugulaaye तो aacharaj जी !
    अरे trans litereshan को क्या hua ?
    bade bevakt !

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  14. ६९ के बाद यह फोटो !! तार्किक परिणति !!

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