मंगलवार, 12 अप्रैल 2011

माँ भगवती, राधे गुरु माँ और टल्ली बाबा एक साथ - दिव्य दर्शन

बोरिवली वेस्ट में होती और होती लखनपुर में भी।
बात थोड़ी पुरानी लेकिन ये तो है हर शहर की कहानी ।

13 टिप्‍पणियां:

  1. रोज ऑफिस जाते समय चेम्बूर इलाके में यह ऐड दिखता है :)

    उत्तर देंहटाएं
  2. टल्ली बाबा शाम ७ बजे से ही मिलते हैं. क्या बाबा उससे पहले टल्ली नहीं होते.

    उत्तर देंहटाएं
  3. .... हैं ये बाबाजी। सात बजे की जगह 8 p.m. लिखते तो चार पैसे मशहूरी के मलाया साहब भी भेज देते।

    उत्तर देंहटाएं
  4. ठीक इस समय यही छछन्न यहाँ हो रहा है ! रात के बारह बजने आये !

    उत्तर देंहटाएं
  5. जो टल गया आरोप कैसा ?
    जब टुन्न हो तो बात कीजिये :)

    उत्तर देंहटाएं
  6. टल्ली टल्ली सब कहें टल्ली भया ना कोय
    जिसको दें भगवान जी सो ही टल्ली होय .

    उत्तर देंहटाएं
  7. देश है वीर जवानों का, अलबेलों का, मस्तानों का, इस देश का यारों क्या कहना ...

    उत्तर देंहटाएं

कृपया विषय से सम्बन्धित टिप्पणी करें और सभ्याचरण बनाये रखें।
साइट प्रचार के उद्देश्य से की गयी या व्यापार सम्बन्धित सामग्री वाली टिप्पणियाँ स्वत: स्पैम में चली जाती हैं, जिनका उद्धार सम्भव नहीं क्यों कि उनसे दूसरी समस्यायें भी जन्म लेती हैं। अग्रिम धन्यवाद।