शुक्रवार, 23 सितंबर 2011

~~~~~~~~~~~~~चिड़िया, गुड़िया और खरहा~~~~~~~~

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यात्राओं में और किसी के यहाँ जाने पर अक्सर मैं अनजान बच्चों से भी घुल मिल जाता हूँ। माता पिता भी थोड़ी देर के बाद उन्हें मेरे भरोसे छोड़ देते हैं। मैं थोड़ा चालाक हूँ कि शरारती बच्चों को एकदम भाव नहीं देता :) पिछले सप्ताह किसी सम्बन्धी के यहाँ गया तो एक प्यारी सी गुड़िया मिल गई। हम दोनों में ऐसी दोस्ती हुई कि स्वयं उसके माता पिता दंग रह गये। हम दोनों ने खूब बातें की। महज दो वर्ष की कन्या इतनी प्रतिभाशील थी कि पूछिये न! मैंने उसका वीडियो भी बनाया है। कभी पोस्ट करूँगा। फिलहाल उसके लिये रची मेरी बाल कविता पढ़िये। यह मेरी दूसरी बाल कविता है। पहली बहुत पहले रची थी जो यहाँ है।  

माँ चिड़िया कैसी होती है?
बेटी! गुड़िया जैसी होती है।
खुली हवा में गाये चिड़िया
बुलाओ तो उड़ जाये चिड़िया
सरजू दादा की प्यारी चिड़िया
बरगद नाना की न्यारी चिड़िया।
2माँ रुको, आगे मत बोलो
गुड़िया की भी पाँखें जोड़ो
चिड़िया संग उड़ जायेगी
चन्दा से खरहा लायेगी
मैं खेलूँगी उसके साथ
करती तुमसे मीठी बात।
बेटी! चन्दा रातों को जागे
चिड़िया तो तब सोती लागे
गुड़िया अकेली डर जायेगी
सोचो ऊँचा क्या उड़ पायेगी?
इससे अच्छा पिंजड़ा डालो
खरहे को तुम खुद ही पालो।
3
माँ तुम अकल की कच्ची हो
इतनी बढ़ गइ पर बच्ची हो
खरहा चन्दा पर दौड़ा जाये
बढ़ता जब तब घटता जाये
ऐसे को पिंजरे में क्या रखना?
अच्छा है गुड़िया संग रहना।

15 टिप्‍पणियां:

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  2. मन आनन्द आनन्द छायो ...
    प्यारी कविता, प्यारी बिटिया और प्यारे चाचू (या ताऊ?)

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  3. No, she was a guest there. In a short duration, everybody became her 'fan'. I was her distinguished fan since she chose me to talk with all the time. :)

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  4. @माँ चिड़िया कैसी होती है?
    गुड़िया जैसी होती है।

    दादी की याद आई, वो भी बेटियों को चिड़िया कहती थी।

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  5. इतनी प्यारी बिटिया के साथ कौन नहीं खेलना चाहेगा...!
    सूरज खुश हो नाचेगा
    चाँद शर्मा जायेगा
    चिड़िया गीत गायेगी
    कवि भी कहाँ चुप रह पायेगा..!

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  6. खुली हवा में गाये चिड़िया
    बुलाओ तो उड़ जाये चिड़िया...
    चिड़िया की प्रवृति पर अच्छी नजर है ...
    गुडिया बहुत क्यूट है और उतनी ही सुन्दर कविता !

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  7. सुन्दर रचना. बच्चों की संगत बड़ी प्रेरक होती ही है.

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  8. बहुत खूबसूरत उसी गुडिया सा ..सावधान बाल कवियों नजर न लग जाय!

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  9. बहुत प्यारी रचना ....
    बाल मन से निकले शब्द दिल को छूने में कामयाब हैं गिरिजेश भाई !
    शुभकामनायें आपको !

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  10. हमें भी बड़ा रस आता है, बच्चों से घुलने मिलने में, कई बच्चे तो बहुत बतियाते हैं।

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  11. 'क्यूट' कहते हैं न इसे अंग्रेजी में?

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  12. बहुत प्यारी कविता है. इतनी प्यारी बिटिया के लिए ऐसी कविता कैसे ना कहे कोई.
    मेरी दीदी का बेटा जब दो-ढाई साल का था, तो बदमाशी बहुत करता था, लेकिन मुझसे बहुत बातें करता था, जो मुझे समझ में नहीं आती थीं, उसकी भाव-भंगिमा से कुछ-कुछ समझ में आता था, पर मैं बहुत ध्यान से सुनती थी, उसको खुश करने के लिए :)

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