पास बैठो कि मेरी बकबक में नायाब बातें होती हैं, तफसील पूछोगे तो कह दूँगा,मुझे कुछ नहीं पता। Half of what I say is meaningless, but I say it so that the other half may reach you.- KG (S&F)
आप जैसे हैं वैसे खुद को प्रस्तुत कर रहे हैं, इसके लिये बहुत हिम्मत चाहिये। लेकिन इन सफेद भेडों में बहुत सारे रंग चढाये भी हैं, जरा सी बारिश आते ही इनका काला रंग उजागर हो जायेगा।
मैं अकेला ही चला था.. एकला चोलो रे... हम न बदलेंगे कभी वक्त की रफ़्तार के साथ... इसमें न मानने वाली कोइ बात ही नहीं, जिसने बरसों (मेरे लिए दो बरसों) से आपको देखा/समझा/जाना है, वह मान ही लेगा! वैसे भी... जिन्हें मानना है उनके लिए किसी तस्वीर की दरकार नहीं.. और जिन्होंने न मानने की कसम खा रखी हो उन्हें आइना भी दिखा दें तो फ़िज़ूल!!
लेकिन अपनी अलग पहचान के साथ :-)
प्रत्युत्तर देंहटाएं(एक) आदमी जो खुद को समझे (दूसरा) जो लोग उसे समझें :)
हटाएं:)
हटाएंरहनुमा बदलने से दुश्वारियाँ नहीं जातीं
प्रत्युत्तर देंहटाएंमालिक भेड़ बकरी का सदियों से कसाई है।
वाह! क्या बात है!
हटाएंभीड़ से जुदा
प्रत्युत्तर देंहटाएंअच्छा हैं ना.....सबसे अलग तो दिखते हैं आप
रहिमन काली कमरिया चढ़े ना दूजो रंग
प्रत्युत्तर देंहटाएंरंग बिरंगी दुनिया होगी,
प्रत्युत्तर देंहटाएंहमको अपना रंग सुहाता,
ऐसा ही होना चाहिए ...भीड़ से अलग....
प्रत्युत्तर देंहटाएंसवा लाख से एक लड़ाउं.
प्रत्युत्तर देंहटाएंलगता है इस बार चुनाव परिणाम कुछ ऐसे होने वाले हैं.....
प्रत्युत्तर देंहटाएं"फिर वही टूटा हुआ रथ, गांठों जुडी वल्गा वही
अश्व पर भी क्या भरोसा, है अश्व शाला तो वही."
सब नज़र का और दृष्टी का खेल है - |
प्रत्युत्तर देंहटाएंइसी चित्र को negative कर के देखें - तो ढेरों black sheep के बीच सिर्फ एक धवल नज़र आने लगेगी |
फिर ऐसी धोखेबाज़ निगाह पर भरोसा कर के , क्या किसी को ब्लैक शीप या किसी को white sheep तय करा जाए ?
आप तो जैसे हैं, वैसे दिख भी रहे हैं।
प्रत्युत्तर देंहटाएंलेकिन इन सफेद भेडों में ज्यादातर सफेदी करवाये खडे हैं। जरा सी बारिश आते ही इनका अंदरूनी कालापन बाहर आ जायेगा।
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आप जैसे हैं वैसे खुद को प्रस्तुत कर रहे हैं, इसके लिये बहुत हिम्मत चाहिये।
प्रत्युत्तर देंहटाएंलेकिन इन सफेद भेडों में बहुत सारे रंग चढाये भी हैं, जरा सी बारिश आते ही इनका काला रंग उजागर हो जायेगा।
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मैं अकेला ही चला था.. एकला चोलो रे... हम न बदलेंगे कभी वक्त की रफ़्तार के साथ... इसमें न मानने वाली कोइ बात ही नहीं, जिसने बरसों (मेरे लिए दो बरसों) से आपको देखा/समझा/जाना है, वह मान ही लेगा!
प्रत्युत्तर देंहटाएंवैसे भी... जिन्हें मानना है उनके लिए किसी तस्वीर की दरकार नहीं.. और जिन्होंने न मानने की कसम खा रखी हो उन्हें आइना भी दिखा दें तो फ़िज़ूल!!
किसी ने पूछा नहीं आप इनमें से हैं कौन ? :)
प्रत्युत्तर देंहटाएंमानो या ना मानो ......रहोगे लंठ उल्लू ही !
प्रत्युत्तर देंहटाएं:)