बुधवार, 27 जुलाई 2011

सँभल के...

कल कारगिल विजय दिवस था: उस दिन पाकी घुसपैठियों को  हमने मार भगाया था। 

पाक ने इस मौके पर अब एक हसीन चेहरा भेजा है। किसी भी बात के पहले उसका कश्मीरी अलगाववादियों से मिलना उसकी मंशा साफ कर देता है। सँभल के रहना रे बाबा! 


इस  हसीं, मासूम और पाकी चेहरे के पीछे भेंड़िये छिपे हुये हैं। ऐसी अदाओं पर न लुभ जाना। कारगिल को याद रखना। 

17 टिप्‍पणियां:

  1. चेताने का आभार, विदेश मन्त्रालय को भी बताना पड़ेगा।

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  2. जनता तो सम्हली ही हुई है गिरिजेश जी, और सरकार देख कर भी आँखें मूंदे रखती है ... फिर संभले कौन ?? चेहरे के पीछे की हकीकत क्या यह मीटिंग प्लैन करने वाले हमारे "चुने हुए" नुमाइंदे जानते नहीं हैं ?

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  3. ye kaatil hasina hai pata nahi kitne katal ka sauda karne sarkar ke pass aaye hai.......


    jai baba banaras......

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  4. प्राचीन ग्रंथों में विषकन्या का उल्लेख होता था.

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  5. @ बैठक ,
    इस बैठक का नतीजा पहले से ही तय है आगे एक और बैठक :)

    @ हसीन चेहरा ,
    क्या मनु को कृष्णा से ईर्ष्या हो रही है ? :)

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  6. वे इस विधा के विषेशज्ञ हैं। सारा पॉलिन से हाथ मिला गदगदायमान जरदारी जी की फोटो आपने देखी होगी न?

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  7. हस्ते हुए नूरानी चेहरे तो हिन्दुस्तान की कमजोरी रहे हैं!
    यस्य नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः

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  8. इअतना आसन कहाँ हैं बच पाना :) नेताओं के भी दिल होते हैं.

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  9. @ अली सा

    मनु से पूछ कर बताते हैं। वैसे लगता नहीं कि उसे उर्मी के अलावा किसी में दिलचस्पी होगी।

    'भेंड़' और 'भेड़िये' को जब सुपरइम्पोज करेंगे तो 'भेंड़िये' बनेंगे। ;)

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  10. जिन्हें सम्हलने की जरूरत है वे ही बेहोश हैं।

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