उत्तर मध्य रेलवे ने पहली बार महिला पोर्टरों की भर्ती की है। 4800 अभ्यर्थियों के बीच हुई प्रतियोगिता में बिना किसी आरक्षण के अंचितपुर जिला फतेहपुर की निवासी ऊषा ने भी सफलता प्राप्त की। उन्हें बिल्ला नं 70 दिया जाएगा। उनके अतिरिक्त एक और महिला निर्मला ने भी सफलता प्राप्त की।
प्रतियोगिता में उन्हें पुरुषों की तरह ही 25 किलो वज़न को सिर पर रख 200 मीटर तक ले जाना था। उनके लिए समय सीमा थी 4 मिनट जब कि पुरुषों के लिए 3 मिनट। इसके अतिरिक्त इन दोनों ने मानसिक परीक्षण में भी सफलता प्राप्त की।
ग़रीब ऊषा ने यह कदम बच्चों की अच्छी शिक्षा दीक्षा के लिए उठाया है जब कि वह स्वयं आठवीं तक ही पढ़ी हैं।
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चलते चलते :
नैनी क्षेत्र में इन्द्र देव को प्रसन्न करने के लिए सूखी धरती पर महिलाओं ने खुद जुत कर हल चलाए।
(समाचार और चित्र आभार: इंडियन एक्सप्रेस)