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सोमवार, 8 जून 2009

लाज और झिझक छोड़ें




जून का पहला सप्ताह बीत गया लेकिन गड्ढा प्रतियोगिता पर कोई प्रविष्टि प्राप्त नहीं हुई। 

आप सभी नर नारी झिझक और लाज  छोड़ें और प्रविष्टियाँ मुझे ई मेल girijeshrao@gmail.com करें। मैं प्रतिज्ञा करता हूँ कि उनमें बिना किसी परिवर्तन किए तुरंत निर्णायक मंडल: (1) समीर जी (उड़न तश्तरी) (2) ताऊ रामपुरिया जी (3)अजित वडनेरकर जी को भेज दूँगा। 

जून का महीना बारिश के पहले का है। इसी समय कागज पर दिखाने के लिए निगम वगैरह कुछ काम कराते हैं जिनका प्रथम कदम गड्ढा खोदना और अन्तिम कदम खोद कर छोड़ देना होता है।

झेलते हैं हम आप। ब्लॉग से कुछ परिवर्तन हो न हो लेकिन सोए को जगाने और बहरे को सुनाने का सामान तो जुटेगा ही। लिहाजा जन जागरण के हित में अपनी प्रविष्टियाँ भेजें।